मोदी ने झारखंड को दी छह सौगातें, मिलेगी 2 हजार मेगावाट बिजली

मोदी ने झारखंड को दी छह सौगातें, मिलेगी 2 हजार मेगावाट बिजली
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रांची. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने गुरुवार को यहां महत्वपूर्ण छह योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास कर झारखंड को छह सौगातें दी। ये योजनाएं राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी।
राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़ा झारखंड  
प्रधानमंत्री ने रांची-धर्मजयगढ़-सिपत ट्रांसमिशन लाइन का शुभारंभ किया। यह झारखंड का पहला ंतर क्षेत्रीय ट्रांसमिशन लाइन है। 765 केवी अल्ट्रा वोल्टेज क्षमता  वाली इस ट्रांसमिशन लाइन से पूर्वी से पश्चिमी भारत तक बिजली पहुंचाई जा सकेगी। 392 किलोमीटर लंबी इस ट्रांसमिशन लाइन को बनाने पर 1600 करोड़ रुपए खर्च आया है। इसके लिए रांची और धर्मजयगढ़ में अलग-अलग पावर सबस्टेशन बनाए गए हैं। इससे एक बार में करीब 2000 मेगावाट बिजली मंगाई या भेजी जा सकती है। देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रख कर उच्च क्षमता के ग्रिड का निर्माण कराया गया है। इससे राष्ट्रीय ग्रिड मजबूत होने के साथ ही राज्य में भी बिजली  ट्रांसमिशन में सुविधा होगी। राज्य में बिजली की किल्लत भी दूर हो सकेगी।
नार्थ कर्णपुरा प्रोजेक्ट पर ग्रहण हुआ दूर 
तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2003 में चतरा के टंडवा में एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। कोयला  मंत्रालय और ऊर्जा मंत्रालय के बीच विवाद की वजह से यह योजना दस साल से बंद  पड़ी थी। प्रधानमंत्री ने इस विवाद को सुलझाते हुए इस अल्ट्रा पावर प्रोजेक्ट की प्रथम योजना की शुरुआत की। 1980 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट पर 14366 करोड़ रुपए खर्च आने की संभावना है। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे पानी भी कम खर्च होगा। इस पावर प्रोजेक्ट का काम साल 2017-18 तक पूरा होगा। एनटीपीसी के इस पावर प्लांट उत्पादित 220 मेगावाट बिजली झारखंड को मिलेगी।
12 जिलों की जरूरत पूरी करेगा 
प्रधानमंत्री ने जसीडीह पेट्रोलियम थोक भंडारण टर्मिनल का उद्घाटन किया। इस टर्मिनल से धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, दुमका, पाकुड़ और साहेबगंज सहित 12 जिलों में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। इससे पहले इन जिलों में रांची, धनबाद और जमशेदपुर से पेट्रोलियम की आपूर्ति की जाती थी। इस टर्मिनल को हल्दिया-बरौनी पाइप लाइन से सीधे पेट्रोलियम मिलेगा। 26 एकड़ में फैले अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस टर्मिनल के निर्माण पर 109 करोड़ रुपए लागत आई है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 31600 किलोलीटर है।
जिसमें पेट्रोल 10694 केएल, डीजल 15814 केएल, एथेनॉल 210 केएल और केरोसिन 4882 केएल होगा। इस टर्मिनल के निर्माण से संथाल परगना में आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिल सकेगी। दूसरे चरण में खूंटी में इसी तरह के भंडारण की व्यवस्था की जा रही है। जहां पारादीप रिफाइनरी से पेट्रोलियम उत्पाद की आपूर्ति होगी।
नाइलिट प्रशिक्षित करेगा झारखंडियों  को 
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट) के रांची केंद्र का शिलान्यास किया। प्रारंभिक दौर में इस केंद्र के माध्यम से हर साल करीब 1000 लोगों को प्रशिक्षण मिलेगा। चार साल बाद इससे हर साल 1800 लोगों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा। इसके लिए केंद्र सरकार 65 करोड़ की लागत से रांची में स्थायी परिसर का निर्माण कराएगी। सरकार ने पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। संस्थान का लक्ष्य 80 घंटे से 4000 घंटे तक अनौपचारिक कंप्यूटर शिक्षा देना है। इसके अलावा बीसीए, बीटेक और एमटेक की शिक्षा भी दी जाएगी। स्थायी परिसर बनने तक रांची के रियाडा भवन में यह संस्थान काम करेगा।
डिजिटल साक्षरता अभियान की शुरुआत  
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने झारखंड में डिजिटल साक्षरता अभियान की शुरुआत की। इस योजना के तहत प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को डिजिटल साक्षर बनाने का लक्ष्य है। प्रथम चरण में दस लाख लोगों को साक्षर किया जाएगा। जिसमें एक लाख लोगों को निजी क्षेत्र के सहयोग से साक्षर किया जाएगा। इसके माध्यम से एससी-एसटी और बीपीएल परिवारों को मुफ्त में सीएससी कोर्स कराया जाएगा। जबकि अन्य लोगों को इसके लिए 125 रुपए देने होंगे। प्रशिक्षण पाने वाले बीपीएल परिवारों को 300 रुपए पारिश्रमिक  भी दी जाएगी। इसे स्थानीय भाषा में सिखाया जाएगा।
झारखंड को साफ्टवेयर हब बनाने की पहल 
प्रधानमंत्री ने झारखंड में आईटी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया, रांची की नई इन्कयूबेशन सुविधा की आधारशिला रखी। इसके तहत 14 करोड़ की लागत से 2200 वर्गफीट में नए उद्यमियों और स्टार्ट-अप कंपनियों के लिए इन्कयूबेशन सुविधा केंद्र की स्थापना की जाएगी। यह आईटी और आईटीईएस सेवाओं की निर्यातक कंपनियों के लिए संसाधन केंद्र के रूप में काम करेगा। इससे राज्य में आईटी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साफ्टवेयर सुविधाओं के विकास और निर्यात के लिए यहां आवश्यक सुविधाएं रहेंगी। इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
आईटी पार्क का विस्तार अगले साल तक जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और देवघर में भी किया जाना है। रांची का आईटी पार्क साल 2006 से काम कर रहा है। पिछले वित्त वर्ष में यहां से करीब 40 करोड़ का कारोबार हुआ था।
Source : Bhaskar News

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