मोदी की जापान यात्रा: क्‍योटो के मेयर ने पीएम को दिए स्‍मार्ट सिटीज बनाने के टिप्‍स

मोदी की जापान यात्रा: क्‍योटो के मेयर ने पीएम को दिए स्‍मार्ट सिटीज बनाने के टिप्‍स
 
क्‍योटो। जापान की अपनी पांच दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्‍योटो शहर की तर्ज पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को विकसित करने संबंधी मुद्दों का जायजा लिया। क्‍योटो के मेयर दाइसाकू कादोकावा ने मोदी को एक प्रेजेंटेशन दिया जिसमें बताया गया कि कैसे सांस्‍कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए उनके शहर का विकास किया। इससे पहले प्रधानमंत्री ने अपने दिन की शुरुआत क्‍योटो स्थित दो प्रसिद्ध बौद्ध मंदिरों के दर्शन से की। मंदिरों का दर्शन करने के बाद मोदी ने नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित जापानी प्रोफेसर शिन्‍या यामनांका से स्‍टेम सेल रिसर्च की दिशा में बातचीत की। मोदी क्योटो यूनिवर्सिटी भी गए और बाद में बुद्धिस्ट एसोशिएशन की ओर से दिए गए भोज में शामिल हुए।
क्‍योटो पर मोदी को दिया गया प्रेजेंटेशन
क्‍योटो के मेयर दाइसाकू कादोकावा ने अपने शहर के बारे में मोदी को प्रेजेंटेशन दिया। मेयर ने बताया कि कैसे क्‍योटो की सांस्‍कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उसका विकास किया गया। इसके बाद मोदी ने ऐतिहासिकबनारस का एक नक्‍शा मेयर को भेंट किया। इस प्रेजेंटेशन के बारे में विदेश विभाग के प्रवक्‍ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘मेयर ने पीएम को बताया कि जापान में राजशाही के दौरान क्‍योटो राजधानी हुआ करता था। लेकिन बाद में उसे एक स्‍मार्ट सिटी का रूप दिया गया। इस दौरान उसकी सुंदरता और सांस्‍कृतिक विरासत का पूरा ख्‍याल रखा गया।’ मेयर के प्रेजेंटेशन में एक वाक्‍य था, ‘संस्‍कृति, इतिहास और जनता की ताकत को प्रज्‍वलित करो। क्‍योटो को एक ऐसे शहर में बदल दो जो पूरी दुनिया को बदल दे।’
मोदी ने हर क्षेत्र में सहयोग की बात की
मोदी ने कहा, ‘भारत में हम धरोहर के रूप में पहचान वाले शहरों का विकास करना चाहते हैं, इसलिए मैं कुछ चीजों को समझना चाहता हूं। काफी संघर्ष और परेशानियों के बावजूद क्‍योटो का विकास हुआ है और इसने अपनी संस्‍कृति को बरकरार रखा है। मोदी ने क्‍योटो की तर्ज पर वाराणसी के विकास संबंधी समझौते के बारे में कहा कि यूनिवर्सिटीज, रिसर्च और इंडस्‍ट्री की दिशा में भी आपसी सहयोग होना चाहिए। उन्‍होंने कहा, सिर्फ क्‍योटो और वाराणसी ही नहीं, क्‍योटो और भारतीय यूनिवर्सिटीज, इंडस्‍ट्रीज और रिसर्च की दिशा में भी हमें साथ काम करना चाहिए।’
बौद्ध मंदिरों का दर्शन किया
मोदी सबसे पहले तोजी बौद्ध मंदिर पहुंचे थे और इसके बाद किंकाकू-जी (गोल्‍डन पवेलियन) मंदिर। किंकाकू-जी में मोदी ने मंदिर के प्रमुख बौद्ध भिक्षु वेनेरेबल यासू नागामोरी से काफी देर तक बातचीत की। इस दौरान उन्‍होंने कहा, ‘मैं मोदी हूं और आप मोरी। दोनों देशों की बौद्ध परंपराओं में काफी समानता है।’ तोजी मंदिर के दर्शन के दौरान जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे मोदी के साथ थे। यहां दोनों ने करीब 20 मिनट बिताया। इसके बाद किंकाकू-जी में मोदी आधे घंटे तक रुके और शांति की प्रार्थना की। मंदिरों में दर्शन के दौरान मोदी ने सफेद कुर्ता-पायजामा, बिना बांह वाली जैकेट और सफेद रंग का सैंडल पहन रखा था। वह इस ड्रेस के जरिए शांति का संदेश देना चाहते थे। किंकाकू-जी में मोदी ने टूरिस्‍ट्स और अन्‍य लोगों से मुलाकात की और उनसे हाथ मिलाया। यहां उन्‍होंने एक बच्‍चे का कान खींचा और लोगों के साथ फोटो भी खिंचवाए।
स्‍टेम सेल रिसर्च पर की बात
मोदी ने क्‍योटो यूनिवर्सिटी में स्‍टेम सेल रिसर्च की दिशा में नोबेल पुरस्‍कार से सम्‍मानित जापानी प्रोफेसर शिन्‍या यामनांका से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच सिकल सेल अनीमिया के उपचार पर बातचीत हुई। गौरतलब है कि भारत के कई हिस्‍सों में इस बीमारी की वजह से कई मौतें हो जाती हैं। मोदी ने प्रोफेसर यामनांका के साथ भारत-जापान के यूनिवर्सिटीज के बीच स्‍टेम सेल रिसर्च की दिशा में आपसी सहयोग पर भी बात की।
वाराणसी के विकास के लिए हुआ था समझौता
इससे पहले मोदी शनिवार को जब क्‍योटो पहुंचे थे तो उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी को क्‍योटो की तर्ज पर विकसित करने संबंधी समझौता हुआ था। आबे ने मोदी के सम्‍मान में भोज का आयोजन किया था जहां दोनों के बीच भारत-जापान के रिश्‍तों पर बातचीत हुई थी। तब मोदी ने आबे को स्‍वामी विवेकानंद पर आधारित दो किताबें और भगवद गीता की एक प्रति भेंट की थी।

jp m

 

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