मार्च २०१५ तक दिल्ली में 11,800 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति

मार्च २०१५ तक दिल्ली में 11,800 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति
kiren-rijiju_650_081314055241
सरकार ने बुधवार को बताया कि दिल्ली में शिक्षकों के खाली पद अगले साल मार्च तक भरने के लिए 11,800 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी.

राज्यसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजु ने बताया कि अक्टूबर में 2,375 PGT शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और दिसंबर तक उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. जनवरी 2015 में 9,439 TGT शिक्षकों के आवेदन आमंत्रित कर मार्च तक उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

उन्होंने परवेज हाशमी के पूरक प्रश्न के जवाब में बताया कि 16 जुलाई 2014 की स्थिति के अनुसार, शिक्षा निदेशालय के तहत स्कूलों में PGT के स्वीकृत पद 10,856 हैं जिसमें से 2375 पद खाली हैं. TGT(भाषा) के 29,448 स्वीकृत पदों में से 9439 पद खाली हैं. TGT (विविध) के 17215 स्वीकृत पदों में से 7733 पद खाली हैं.

रिजिजु ने बताया कि डायरेक्ट रिक्रूटमेंट कोटे के तहत इन खाली पदों को भरने के लिए दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (DSSSB) को मांग पत्र भेज दिया गया है.

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में कम से कम 19,500 शिक्षक कांट्रैक्ट पर या अस्थायी तौर पर नियुक्त हैं. गृह राज्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली नगर निगम में प्राइमरी टीचरों के 1290 पद, नर्सरी टीचरों के 283 पद और स्पेशल टीचर के 978 पद खाली हैं. इन रिक्तियों को कांट्रैक्ट बेसिस पर भरा जा रहा है.

रिजिजु के अनुसार, नई दिल्ली नगर निगम (NDMC) में PGT प्रोफेसर के 46 पद, TGT के 7 पद, अन्य टीचरों के 32 पद और असिस्टेंट टीचरों के 73 पद खाली हैं. इन पदों को गेस्ट फैकल्टी के आधार पर भरा जा रहा है. उन्होंने बताया कि दिल्ली छावनी बोर्ड के स्कूलों में असिस्टेंट टीचरों के 32 पद और TGT के 3 पद खाली हैं.

गृह राज्य मंत्री के अनुसार, एक जुलाई 2014 की स्थिति के अनुसार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन दिल्ली के केंद्रीय विद्यालयों में TGT के 57 पद और PGT के 6 पद खाली हैं. साल 2012-13 और 2013-14 के लिए इन पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है. और साल 2014-15 और 2015-16 के लिए भी भर्ती की प्रकिया शुरू कर दी गई है.

Source : Aaj Tak

Related Posts:

You must be logged in to post a comment Login