भारतीय हॉकी टीम पर एशियाई खिताब जीतने का दबाव

भारतीय हॉकी टीम पर एशियाई खिताब जीतने का दबाव

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देश में हॉकी का संचालन करने वाले हॉकी इंडिया (एचआई) के हाई परफॉरमेंस डाइरेक्टर रोलैंट ओल्टमैंस मानते हैं कि भारत की सीनियर टीम इंचियोन में इस महीने होने वाले एशियाई खेलों के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन उस पर तीसरी बार चैम्पियन बनने का दबाव है।

नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में जारी प्रशिक्षण शिविर के दौरान गुरुवार को बातचीत के दौरान ओल्टमैंस ने कहा कि टीम पर ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने का दबाव नहीं है लेकिन उस पर तीसरी बार चैम्पियन बनने का दबाव निश्चित तौर पर है।

हॉलैंड निवासी ओल्टमैंस ने कहा, ‘‘हम पर ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई करने का दबाव नहीं है क्योंकि एक जीत के साथ हम ऐसा कर लेंगे लेकिन हम पर तीसरी बार खिताब जीतने का दबाव जरूर है। हम अब तक सिर्फ दो बार खिताब जीत सके हैं। हमारे लिए इस साल एशियाई खिताब प्रतिष्ठा का विषय है।’’

ओल्टमैंस मानते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद टीम के हौसले बुलंद हैं और वह इसी की बदौलत इंचियोन में खिताब हासिल करने का प्रयास करेगी। बकौल ओल्टमैंस, ‘‘हमें इंचियोन को चुनौती की तरह लेना होगा। हम राष्ट्रमंडल खेलों में अच्छा खेले और सिर्फ ऑस्ट्रेलिया से हारे। यह विश्वास हमें खिताब तक ले जाएगा।’’

भारतीय टीम एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत 21 सितम्बर को श्रीलंका के खिलाफ करेगी। इसके बाद 23 सितम्बर को उसका सामना ओमान से होगा और फिर 25 सितम्बर को उसका सबसे बड़ा और अहम मैच पाकिस्तान के साथ होना है। फिर भारत 27 सितम्बर को चीन से भिड़ेगी। दो ग्रुपों की शीर्ष-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।

ओल्टमैंस का मानना है कि हॉकी के नियमों में किए गए नए बदलाव से टीम को काफी फायदा होगा और उनकी टीम के श्रेष्ठ 11 खिलाड़ी अधिक से अधिक समय मैदान में बिता सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में सोमवार से नए नियम लागू हो गए, जिसके अनुसार अब अंतर्राष्ट्रीय हॉकी को 60 मिनट का कर दिया गया है और प्रत्येक 15 मिनट पर खिलाड़ियों को ब्रेक दिया जाएगा।

इससे पहले तक हॉकी 70 मिनट खेली जाती रही थी, जिसमें 35 मिनट पर मध्यांतर होता था। 70 मिनट की हॉकी सीनियर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर डालती थी। नए नियमों के तहत पेनल्टी कॉर्नर और गोल के बाद जश्न मनाने के लिए अतिरिक्त समय में भी इजाफा किया गया है। इस प्रकार नए नियम के मुताबिक खिलाड़ियों को वास्तव में कुल 60 मिनट खेलने को मिलेंगे।

15-15 मिनट पर दिए गए पहले और तीसरे विश्राम के बाद दो मिनट का विश्राम दिया जाएगा, जबकि मध्यांतर के समय दिए जाने वाले 10 मिनट के विश्राम को जस का तस रखा गया है।

ओल्टमैंस ने बदले नियमों को लेकर कहा, ‘‘नए स्वरूप से हमें अपने श्रेष्ठ खिलाड़ियों को अधिक से अधिक समय तक मैदान में बनाए रखने का मौका मिलेगा। हालांकि इससे कोई बहुत बड़ा फर्क भी नहीं आएगा। नए नियम के अनुसार भी अमूमन एक मैच खेलने में 70 मिनट ही लगेंगे, क्योंकि पेनल्टी कॉर्नर और गोल के बाद जश्न मनाने में लगने वाले समय के बदले अतिरिक्त समय दिया जाएगा।’’

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