भागलपुर में “ डिजिटल इंडिया “ की शुरूआत 2012 से ही

भागलपुर में “ डिजिटल इंडिया “ की शुरूआत 2012 से ही

केन्द्र सरकार द्वारा देष के डिजिटल रूप विकसित बनाने के लिए तकरीबन एक लाख करोड़ रूपये स्वीकृत किया गया है। इस परियोजना का लक्ष्य यह सुनिष्चित करना है कि सरकारी सेवाओं को आम जनों तक पहुँचाने के लिए ईलेक्ट्राॅनिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा जिससे लोगों तक सूचनाओं की पहुंच सरल और शीघ्र हो जिससे लोग बगैर देर किये योजनाओं से लाभान्वित हो सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देष के सभी गांवों को अगले 4 सालों में ब्राॅडबैंड से जोड़ने की योजना निष्चित ही एक सराहनीय कदम है इससे आईटी के क्षेत्र में देष नई शक्ति के रूप में उभरेगा। मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। फिलहाल कैबिनेट ने इस परियोजना में 500 करोड़ की राषि को मंजूरी दी है। जरूरत पड़ने पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन में पी.पी.पी माॅडल को शामिल कर सकती है जिससे सार्वजनिक क्षेत्र में निजी भागीदारी हो सकती है। डिजिटल इंडिया का मकसद 2018 तक सभी गांवों को हाई-स्पीड ब्राॅडबैंड से जोड़कर ई-गवर्नेंस, ई-एजुकेषन व टेलीमेडिसीन जैसी सुविधाओं को पहुंचाना है।

इस योजना के पूरा होने पर सुदूर ग्रामीण इलाकों के स्कूलों व काॅलेजों में इंटरनेट के जरिये वर्चुअल क्लास की व्यवस्था की जा सकेगी। साथ ही आमजन से संबंधित सभी सरकारी दस्तावेजों तक इंटरनेट के जरिये लोगों की पहुंच आसान हो सकेगी। इस नई पहल की सराहना की जानी चाहिए और इसे सफल बनाने के लिए सरकारी एवं आईटी के क्षेत्र में कार्य कर रही सभी छोटे-बड़े स्तर पर कार्यरत संस्थाओं को एकजुट होना पड़ेगा। न कि हम इसे राजनीतिक चष्मे से देखें। उक्त बातें डा0 ए.कुमार इंस्टीच्यूट आॅफ एजुकेषन, भागलपुर के निदेषक डा0 अमित कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए कही।
डा0 अमित कुमार ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि भारत सरकार के डिजिटल योजना का स्वप्न आज के परिवेष की मांग है। और यह एक सार्थक पहल साबित होगी। उन्होंने बताया कि ।ज्ञप्म् ने दो वर्ष पूर्व ही आॅनलाइन एजुकेषन के क्षेत्र में छात्रों को जागरूक करने की शुरूआत की। आॅनलाइन एजुकेषन के जरिये 2000 से अधिक छात्रों को इन दो वर्षों में उच्च एवं रोजगारपरक षिक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा चुका है। मोदी जी के डिजिटल इंडिया के स्वप्न की शुरूआत भागलपुर में 2012 में ही हो चुकी है। अपने सीमित संसाधनों के जरिये ई-लर्निंग, ई-एजुकेषन, ई-लाइब्रेरी समेत कई नवीन प्रयासों को छोटे से शहर में लाकर आईटी के क्षेत्र को रोजगारपरक बनाने का कार्य इस संस्थान द्वारा किया गया। भागलपुर शहर से निकलकर इस संस्थान द्वारा देष के अन्य प्रदेषों में भी साइबर षिक्षा के प्रति छात्रों को जागरूक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों के लिए संस्था को विष्व षिक्षा सम्मेलन में वर्ष 2013 एवं 14 में अवार्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है।
अमित बताते हैं कि राज्य सरकार को कई बार इस क्षेत्र में सार्थक पहल के लिए लिखा गया। पर सरकार का रवैया इसे कभी भी प्रोत्साहित करने की दिषा में नहीं रहा। उच्च षिक्षा को और भी अधिक रोजगारपरक बनाने के लिए साइबर षिक्षा को शामिल करना होगा। तभी हम डिजिटल इंडिया के स्वप्न को साकार कर पाएंगे। हमें यह विष्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री की इस पहल में ।ज्ञप्म् द्वारा किये गए प्रयास सहायक साबित होंगे और डिजिटल इंडिया के इतिहास में अपनी अहम भूमिका अदा करेगी।

ak

You must be logged in to post a comment Login