बिहार को कालाजार से 2015 तक मुक्त करेंगेः मुख्यमंत्री

बिहार को कालाजार से 2015 तक मुक्त करेंगेः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि वर्ष 2015 तक हर हाल में बिहार को कालाजार से मुक्त करेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ में कालाजार उन्मूलन संबंधी राष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मांझी ने कहा कि हमलोगों ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया है। पूरे बिहार में सघन अभियान चलाकर बिहार को कालाजार मुक्त किया जाएगा। बैठक में कालाजार प्रभावित चार राज्यों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 38 जिलों में से 33 जिला कालाजार प्रभावित हैं। अभी जो डाटा तैयार किया जा रहा है, पूरे देश में कालाजार के रोगियों में 70 प्रतिशत बिहार में हैं। इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि 2015 तक पूरे देश से कालाजार को समाप्त करने के लिए केन्द्र सरकार ने इसके लिए नेशनल रोडमैप फॉर कालाजार इलिमिनेशन इन इंडिया जारी किया है।

बिहार के 33 जिले, पश्चिम बंगाल के 11 और झारखंड के 4 जिले कुल 54 जिले कालाजार से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में रणनीति बनी कि घर-घर जाकर कालाजार के रोगियों को ढूंढ़कर उनका इलाज करना है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब कालाजार का इलाज 28 दिन तक नहीं बल्कि एक दिन में सिंगल डोज लिपोसोमल एम्फोटेरिसिन बी-दस एमजी इंजेक्शन देकर किया जा सकता है। नया टेस्ट आया है। रोगी का थूक एवं पेशाब की जाच कर इलाज किया जा सकता है।
कालाजार के रोगियों को कंपेनसेशन के रूप में पांच सौ रुपए दिए जाएंगे तथा मरीज के साथ मरीज के अटेंडेंट को भी मुफ्त भोजन दिया जा रहा है। कालाजार उन्मूलन को सफल बनाने के लिए चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं एवं दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। आशा को कालाजार के रोगियों की पहचान कर उनको अस्पताल भेजने पर विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

कार्यशाला में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह, सांसद डॉ. सीपी ठाकुर, केंदीय स्वास्थ्य सचिव लव वर्मा, प्रधान सचिव स्वास्थ्य बिहार सरकार दीपक कुमार, एडिशनल सेक्रेटरी स्वास्थ्य सीके मिश्रा, केन्द्र में महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं जगदीश प्रसाद, नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के निदेशक डॉ. एसी धारीवाल, प्रधान सचिव स्वास्थ्य पश्चिम बंगाल मलय कुमार डे, विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंट्री हेड डॉ. नाटा मेनाबडे, सचिव स्वास्थ्य उत्तर प्रदेश संजय प्रसाद, सचिव स्वास्थ्य बिहार सरकार आनंद किशोर सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञ, चिकित्सापदाधिकारी, चिकित्सक एवं सभी जिलों के असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी तथा संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

कालाजार नोटिफाएवल डिजीज घोषित
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस बीमारी को नोटिफाएवल डिजीज घोषित करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत हर डॉक्टर चाहे वह सरकारी हो या प्राइवेट कालाजार का कोई रोगी यदि उनके पास इलाज के लिए आता है, तो उनको इसकी रिपोर्ट करनी होगी। उनको सिविल सर्जन या अन्य संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी को हर माह इसकी सूचना देनी होगी। नोटिफाएवल डिजीज घोषित होने के बाद सरकार अब अपने खर्च से मरीज का इलाज कराएगी।images (1)

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