तीन कवचों में रहने वाला वायरस कर रहा क्रेडिट कार्ड डाटा की चोरी

तीन कवचों में रहने वाला वायरस कर रहा क्रेडिट कार्ड डाटा की चोरी

एक तरफ जहां देश में प्लास्टिक मनी का चलन बढ़ रहा है वहीं साइबर चोरों की नजर भी यहां गड़ गई है। स्कीमर और ऑनलाइन फ्रॉड के बाद अब क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के डेटा चुराकर पैसों की हेरफेरी करने वाले वायरस भारतीय साइबरस्पेस में सक्रीय हैं। एजेंसियों ने इनमें से सबसे खतरनाक वायरस की पहचान ‘बैकऑफ’ के रूप में की है। यह वायरस तीन आवरणों में रहता है जिससे उसकी पहचान कर पाना मुश्किल है। ज्यादातर एंटी वायरस वेंडरों के पास इसका जवाब नहीं है।

भारत में हैकिंग आदि समस्याओं का सामना करने वाली नोडल एजेंसी सीईआरटी-इन के अनुसार बैकऑफ वायरस नई चुनौती के रूप में उभर रहा है। यह वायरस विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में घुसकर वहां से बड़ी आसानी से क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकता है। क्रेडिट और डेबिट कार्ड यूजर के नाम, अकाउंट नंबर, सीवीवी नंबर और पासवर्ड तक हथियाने में समर्थ है। ट्रोजन वायरस फैमिली से इस नए वायरस का संबंध है।

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3 Responses to "तीन कवचों में रहने वाला वायरस कर रहा क्रेडिट कार्ड डाटा की चोरी"

  1. Pranay Kr. Das   September 3, 2014 at 12:14 pm

    Is there any protection tips?

    • Vikas   September 5, 2014 at 1:33 pm

      आप अपने इन्टरनेट ब्राउज़र के सेटिंग मेनू में जाकर समय-समय पर ब्राउज़िंग हिस्ट्री डाटा को डिलीट कर दिया करें | इससे आप काफी हद तक इस तरह के साइबर हैकिंग से बच सकते हैं…

      धन्यवाद् !!

      • Pranay Kr. Das   September 6, 2014 at 10:39 am

        okay thanks !

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