डिजिटल इंडिया 1.7 करोड़ युवाओं को देगा नौकरियां

डिजिटल इंडिया 1.7 करोड़ युवाओं को देगा नौकरियां

नई दिल्ली। मोदी सरकार का महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम न सिर्फ सबको कंप्यूटर सिखाएगा, बल्कि इससे युवाओं को सीधे तौर पर 1.7 करोड़ नौकरियां मिलेंगी। इसके लागू होने पर चार लाख सार्वजनिक स्थलों पर इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध होगी। केंद्रीय दूरसंचार और सूचना तकनीकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रियों का एक सम्मेलन बुलाया है। इसमें डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को तेजी से लागू करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से प्रत्यक्ष रूप से 1.7 करोड़ नौकरियों का सृजन होगा। वहीं, परोक्ष रूप से कुल 8.5 करोड़ लोगों को रोजगार की प्राप्ति होगी। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के आयात पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से चलाए जाने वाले डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को 20 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। सरकार इस पर भारी भरकम 1.13 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस कार्यक्रम को चालू वित्त वर्ष 2014-15 से शुरू कर 2018 तक चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। इसके तहत नागरिकों को सरकारी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से उपलब्ध होंगी। साथ ही 2019 तक देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों तथा ढाई लाख स्कूलों में वाई-फाई की सुविधा दी जाएगी।

सरकार ने आम बजट 2014-15 में ई-क्रांति के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि जिन लोगों के पास इंटरनेट की सुविधा है और जिनके पास नहीं है, उनके बीच के अंतर को दूर करने की जरूरत है। इसके लिए केंद्र सरकार एक देशव्यापी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम शुरू करेगी।

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