जानें किस तरह डूबा लादेन का शव

जानें किस तरह डूबा लादेन का शव

वॉशिंगटन। पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी विशेष बलों द्वारा अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराए जाने के बाद उसके शव को जिस काले बैग में रखकर डुबाया गया उसके भीतर 300 पाउंड वजन की लोहे की जंजीर भी यह सुनिश्चित करने के लिए रखी गई कि वह डूब जाए। सीआईए के पूर्व निदेशक और पूर्व रक्षामंत्री मंत्री लियोन पेनेटा ने बताया कि दुनिया के सबसे वांछित आतंकी ओसामा को गोली मारे जाने के बाद तयशुदा तरीके से उसके शव को समंदर में दफनाने के लिए विमानवाहक पोत यूएसएस कार्ल विंसल तक ले जाया गया। पेनेटा ने आज किताबों की दुकान में पहुंची अपनी नवीनतम पुस्तक, ‘वर्दी फाइट्स : ए मेमोइर ऑफ लीडरशिप इन वार एंड पीस’ में लिखा है कि बिन लादेन के शव को मुस्लिम रस्मों के मुताबिक दफनाने की तैयारी की गई। शव को सफेद चादर से ढंका गया, अरबी में अंतिम प्रार्थना हुई और फिर काले रंग के भारी बक्से में रखा गया। उन्होंने लिखा है कि इसके साथ ही तीन सौ पाउंड की लोहे की जंजीरों को उसके भीतर डाला गया जिससे सुनिश्चित हो सके कि शव डूब जाए। जगह का उल्लेख किए बिना पेनेटा ने लिखा है कि बैग में रखे शव को जहाज पर एक सफेद मेज  रखा गया। इसके बाद शव को समुद्र में छोड़ दिया गया। यह बहुत भारी था। मेज भी गिर गई। जैसे ही शव डूबा मेज सतह पर आ गई।

अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री लियोन पेनेटा का कहना है कि तत्कालीन पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने अमेरिका से कहा था कि वह अमेरिकी बलों के गुप्त छापे में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बारे में दुनिया के सामने घोषणा करें, जिससे कि घरेलू प्रतिक्रिया को कम किया जा सके। पेनेटा ने लिखा है कि तत्कालीन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ एडमिरल माइक मुलेन ने छापे और सबसे वांछित आतंकी के मारे जाने के बारे में जानकारी देने के लिए जनरल कयानी से बात की थी। सूचना मिलने पर स्तब्ध रह गए कयानी ने मुलेन से कहा कि अमेरिका को इस समाचार के बारे में दुनिया के सामने घोषणा करनी चाहिए। सहायक रक्षामंत्री (नीति) मिशेल फ्लोरने ने इसे सुना और इसे नोट किया। मुलेन ने बात कर कयानी को बताया कि हमने बिन लादेन के खिलाफ एक गुप्त अभियान चलाया। कयानी ने जवाब दिया कि अच्छा है कि आपने उसे गिरफ्तार किया। इस पर मुलेन ने कहा कि वह मारा गया। पेनेटा ने लिखा है कि लादेन के मारे जाने और पांच साल से एबटाबाद परिसर में उसके रहने की सूचना मिलने पर, कयानी अवाक रह गए। इसके ठीक बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के प्रत्येक सदस्य सिचुएशन रूम पंहुचे जहां अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आगे बढ़ने का फैसला किया। बाद में रात में अपने संबोधन में उन्होंने अपने देशवासियों और दुनिया को इस समाचार से अवगत कराया। लेकिन, इस राष्ट्रीय प्रसारण से पहले उन्होंने फोन पर पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से बात की। पेनेटा ने लिखा है कि ओबामा ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति (हामिद) करजई से बात की। इसी तरह की कॉल मैंने तत्कालीन आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा को की। पूर्व सीआईए प्रमुख ने कहा है कि मैंने उन्हें बताया कि हमने अपनी योजना में जानबूझकर उन्हें और उनकी एजेंसी को शामिल नहीं किया और उम्मीद जताई कि इसमें उन्हें शामिल नहीं करने से वे इसमें सहयोग करने से होने वाली आलोचनाओं से बच जाएंगे। उन्होंने बस इतना कहा कि कहने के लिए कुछ नहीं है। मुझे खुशी है कि आपको बिन लादेन मिल गया। उनके मुताबिक ओबामा सार्वजनिक घोषणा से पहले डीएनए रिपोर्ट के इंतजार के पक्ष में थे लेकिन कयानी के जोर देने पर उन्होंने खुद ऐलान करने का फैसला किया। अमेरिकी विशेष बलों के एक गुप्त हमले में ओसामा को 2 मई 2011 को पाकिस्तान में मार गिराया गया था।

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