केंद्र सरकार से बिहार सरकार ने मांगे 668 करोड़, पर मिले 10 करोड़ से भी कम

केंद्र सरकार से बिहार सरकार ने मांगे 668 करोड़, पर मिले 10 करोड़ से भी कम
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कृषि यंत्रों के लिए सहायता का भरोसा देकर केंद्र ने हाथ खड़े कर लिए हैं। राज्य सरकार से केंद्र ने कहा था कि कृषि यांत्रिकीकरण की विभिन्न योजनाओं के लिए प्रस्ताव दे, केंद्र आवश्यक राशि उपलब्ध कराएगी। कृषि विभाग ने 668 करोड़ का प्रस्ताव दिया और उसने मात्र 9.81 करोड़ ही स्वीकृत किए। यह राशि केंद्र ने कृषि यंत्र बैंक के लिए दी है। इससे राज्य में 126 कृषि बैंक बनाए जाएंगे। यहां से किसान किराए पर कृषि यंत्र का उपयोग कर सकेंगे। कृषि यंत्र बैंक का संचालन कृषक समूह को दिया जाएगा।
विभिन्न जिलों में बने किसानों के समूह को कृषि यंत्र खरीदने के लिए सामान्य की अपेक्षा अधिक अनुदान मिलेगा। जहां व्यक्तिगत किसान को 20 से 30 प्रतिशत अनुदान मिलता है, वहीं कृषि यंत्र बैंक संचालन करने वाले किसान समूह को इन यंत्रों पर 40 प्रतिशत अनुदान पर यंत्र मिलेगा। समूह के किसान बगैर भाड़ा के इन यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे, जबकि अन्य किसानों से भाड़ा के रूप में राशि लेकर अपनी लागत राशि निकाल सकेंगे। कृषक समूह को नाबार्ड व बैंकों के माध्यम से ऋण भी दिलाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
पिछले वर्ष भी केंद्र सरकार ने कृषि यांत्रिकीकरण योजना मद में राशि काफी आवंटित किया था। इस मद में राज्य सरकार ने ही करीब 200 करोड़ की राशि आवंटित किए। इस कारण अनुदान राशि में कटौती कर दी गई थी। ट्रैक्टर पर 60 हजार के बदले 45 हजार रुपए अनुदान दिया गया। इसी प्रकार कंबाइन हार्वेस्टर पर पांच लाख के बदले अधिकतम तीन लाख रुपए अनुदान की राशि देने का प्रावधान किया गया था।

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