कश्मीर में जलस्तर घटा, लाखों लोगों को अब भी मदद का इंतजार

कश्मीर में जलस्तर घटा, लाखों लोगों को अब भी मदद का इंतजार

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बाढ़ की विभीषिका से बुरी तरह प्रभावित श्रीनगर शहर में जल स्तर घटने लगा है जिसके चलते बचाव कर्मियों ने 29,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया लेकिन बाढ़ग्रस्त कश्मीर घाटी में आज भी चार लाख लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं।

बचाव कार्य तेज करते हुए सेना और वायुसेना ने बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को निकालने, उन्हें खाद्य सामग्री और दवाएं मुहैया कराने के लिए 329 कॉलम तथा 79 विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।

रक्षा प्रवक्ता कर्नल जी डी गोस्वामी ने आज बताया जम्मू कश्मीर में भारतीय सैन्य बल युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से अब तक 76,500 से अधिक लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

उन्होंने बताया भारतीय वायुसेना और सैन्य उड्डयन कोर (आर्मी एविएशन कॉर्प) के 79 विमानों और हेलीकॉप्टरों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। सेना ने अपने जवानों के 329 कॉलम इस अभियान के लिए तैनात किए हैं जिनमें से 244 कॉलम श्रीनगर में और 85 कॉलम जम्मू क्षेत्र में है।

रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि आम तौर पर जल स्तर घटने लगा है लेकिन झेलम नदी के आसपास के निचले इलाकों में जल स्तर बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया श्रीनगर शहर में बाढ़ के बाद जल स्तर 3 से 4 फुट कम हो गया है लेकिन वुलर झील में जल स्तर 6 इंच बढ़ा है। मानसबल झील में जल स्तर 3 इंच घट कर 18.3 फुट पर पहुंच गया है लेकिन यह अब भी खतरे के निशान से 4.3 फुट ऊपर है।

श्रीनगर शहर बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में से है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया जिन इलाकों में शुरू में पहुंच पाना संभव नहीं था वहां अब बचाव अभियान के दौरान ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजबाग, जवाहर नगर, गोगजी बाग और शिवपोरा इलाकों में बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए थे और उन्हें वहां से हटाया जा रहा है।

अंदरूनी हिस्से में लोग जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बचाव दलों को उन जगहों के बारे में बता रहे हैं जहां लोग फंसे हुए हैं। दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर में सेना के कई शिविरों में बाढ़ का पानी भर चुका है और 1000 से अधिक सैन्य कर्मी एवं उनके परिवार वाले खाद्य सामग्री और पानी के बिना परेशान हो रहे हैं। छावनी इलाकों में पानी, बिजली, अन्य आपूर्ति और सेवाएं बाधित हैं।

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