उत्तर प्रदेश और बिहार के 22 जिलों में बाढ़, अब तक 50 की मौत

उत्तर प्रदेश और बिहार के 22 जिलों में बाढ़, अब तक 50 की मौत

19_08_2014-19flood1a

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। लगातार बारिश से उफनाई नदियों ने उत्तर प्रदेश और बिहार के 22 जिलों को चपेट में ले लिया है। यहां अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी हैं, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। उत्तर प्रदेश में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि बिहार में नौ लोग जान गवां चुके हैं। प्रदेश में 11 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उप्र में अब तक नौ जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बहराइच में एनडीआरएफ व सेना का हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में लगा है। उत्तराखंड में मौसम साफ रहने से सोमवार को राहत एवं बचाव कार्य तेजी से हुआ। अभी भी भूस्खलन से बंद हुए कई रास्ते शुरू नहीं हो सके हैं।

उत्तर प्रदेश में बीते चौबीस घंटे के दौरान बाढ़ ने 17 और लोगों की जान ले ली। इसके साथ ही मौतों का आंकड़ा 41 पहुंच गया है। खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं सूबे की नदियों ने करीब 1100 गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। बाढ़ का सबसे अधिक असर बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, लखीमपुर, सीतापुर, बाराबंकी, गोंडा, फैजाबाद व आजमगढ़ में देखने को मिल रहा है। श्रावस्ती जिले के भिनगा तथा इकौना तहसील में आठ लोगों की मौत हो गई। घाघरा नदी की बाढ़ की वजह से लखनऊ-बहराइच के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है। बिहार में नेपाल से बारिश का पानी आने से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। इसके चलते सोमवार को पांच और जिले बाढ़ की चपेट में आ गए और कुल संख्या 13 हो गई। अभी तक बाढ़ से नौ लोगों की मौत हुई है, जबकि 11 लाख से अधिक लोगों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। अकेले नालंदा जिले के 7.15 लाख लोग हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव सुनील कुमार ने बताया कि पटना, शेखपुरा, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और अररिया जिले भी बाढ़ की चपेट में आ गए। इसके अलावा सहरसा, मुजफ्फरपुर, सुपौल, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, पश्चिम चंपारण और नालंदा जिले के 43 प्रखंड के 123 पंचायतों में बाढ़ से लोग प्रभावित हैं। इसके अलावा मौसम साफ रहने से सोमवार को उत्तराखंड में बचाव कार्य तेजी से जारी रहा। आपदा के तीन दिन बाद प्रशासन ने यमकेश्वर ब्लॉक के 18 प्रभावित गांवों में हेलीकॉप्टर से खाद्यान्न व जरूरी सामान भिजवाया है। मूसलधार बारिश से जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रंगपीठ इलाके में भूस्खलन से पांच मकान क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पहाड़ी से पत्थर व मिट्टी खिसक कर मकानों पर गिरने से हादसा हुआ।

राष्ट्रपति ने जताया दुख

बाढ़ में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राज्य सरकारों से प्रभावितों की तत्काल सहायता करने की उम्मीद जताई है। बिहार के राज्यपाल डीवाई पाटिल और उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक को भेजे संदेशों में राष्ट्रपति ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से होने चाहिए।

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